भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, लेकिन हाल के हालात में सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकारी तेल कंपनियों ने अब तत्काल जरूरत पूरी करने के लिए स्पॉट मार्केट से खरीद शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में रसोई गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे।
सप्लाई का दबाव और नई रणनीति
भारत में रोजाना बड़ी मात्रा में एलपीजी की खपत होती है। घरेलू उत्पादन बढ़ने के बावजूद अभी भी देश को भारी मात्रा में आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। पहले जहां अधिकतर गैस खाड़ी देशों से आती थी, अब सरकार ने सप्लाई स्रोतों को और विविध बना दिया है। अब अमेरिका, कनाडा, रूस और अन्य देशों से भी एलपीजी आयात किया जा रहा है।
स्पॉट खरीदारी क्या है
स्पॉट मार्केट खरीद का मतलब है कि जरूरत के समय तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार से गैस खरीदना। यह तरीका तब अपनाया जाता है जब नियमित अनुबंधों से आपूर्ति में कमी आ जाए या अचानक मांग बढ़ जाए। वर्तमान स्थिति में भारत इसी विकल्प का उपयोग कर रहा है।
सप्लाई को लेकर तैयारी
सरकारी स्तर पर पहले से ही बड़े पैमाने पर एलपीजी आयात सुनिश्चित किया गया है। कई गैस जहाजों की खेप भारत पहुंच रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने के लिए सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं।
आम जनता पर असर
फिलहाल सरकार का ध्यान इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसलिए सिलेंडर की उपलब्धता बनी रहने की संभावना है।
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