1 .डिलीवरी सिस्टम में बड़ा सुधार
सरकार ने बताया कि अवैध गैस हेराफेरी को रोकने के लिए लागू किया गया डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम अब काफी प्रभावी साबित हो रहा है। इसके चलते देश में LPG सिलेंडर की आपूर्ति 94.5 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुकी है। वहीं ऑनलाइन LPG बुकिंग का स्तर लगभग 99 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो सिस्टम की स्थिरता को दर्शाता है।
2 .छोटे सिलेंडरों की बिक्री में तेजी
1 अप्रैल 2026 से अब तक 18.63 लाख से अधिक 5-किलो FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। अकेले एक दिन में लगभग 80,000 छोटे सिलेंडरों की बिक्री हुई है, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग और पहुंच को दर्शाता है। सरकारी तेल कंपनियों ने अब तक हजारों जागरूकता शिविरों का आयोजन किया है, जिनमें लाखों उपभोक्ताओं को छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
3 .PNG कनेक्शन में तेज विस्तार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 से अब तक 5.36 लाख से अधिक PNG कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, जबकि 2.61 लाख नए कनेक्शनों का बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है। इस तरह कुल PNG कनेक्शन संख्या बढ़कर लगभग 7.97 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग 6.05 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि हजारों उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन को PNG में बदलने की प्रक्रिया शुरू की है।
4 .PNG और CNG सप्लाई पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू और परिवहन क्षेत्र में PNG और CNG की 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन भी दे रही हैं।
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