1. छोटे निर्माणकर्ताओं को बड़ी राहत
सरकार के नए निर्णय के अनुसार, छोटे मकान और छोटी दुकानों के नक्शा पास कराने पर अब आधा विकास शुल्क देना होगा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम करना और शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
2. शहरों के अनुसार तय हुई नई दरें
राज्य सरकार ने अलग-अलग शहरों के लिए विकास शुल्क की नई दरें निर्धारित की हैं। इन दरों में शहर की आर्थिक और शहरी स्थिति को ध्यान में रखा गया है। बड़े शहरों में शुल्क अधिक और छोटे शहरों में कम रखा गया है।
गाजियाबाद: सबसे अधिक 4165 रुपये प्रति वर्ग मीटर
लखनऊ, कानपुर, आगरा: 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर
वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ सहित कई शहर: 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर
अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर आदि: 1020 रुपये प्रति वर्ग मीटर
अयोध्या और आसपास के क्षेत्र: सबसे कम 603 रुपये प्रति वर्ग मीटर
3. विकास शुल्क निर्धारण की नई व्यवस्था
प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद द्वारा जारी नई नियमावली के अनुसार विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद अब इन्हीं संशोधित दरों के आधार पर नक्शा पास करेंगे और शुल्क वसूलेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जहां सरकार ने छूट दी है, वहां कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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