हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया गया है, लेकिन विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों के अनुमान के आधार पर संभावित सैलरी वृद्धि का आकलन किया जा रहा है।
फिटमेंट फैक्टर क्या तय करेगा आपकी सैलरी?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक होता है, जिससे पुराने मूल वेतन को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है। इसी आधार पर अलग-अलग स्तर पर सैलरी में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
संभावित सैलरी वृद्धि (अनुमानित गणना)
यदि बेसिक सैलरी ₹30,000 है
1.92x फिटमेंट: लगभग ₹57,600
2.50x फिटमेंट: लगभग ₹75,000
2.86x फिटमेंट: लगभग ₹85,800
यदि बेसिक सैलरी ₹40,000 है
1.92x फिटमेंट: लगभग ₹76,800
2.50x फिटमेंट: लगभग ₹1,00,000
2.86x फिटमेंट: लगभग ₹1,14,400
यदि बेसिक सैलरी ₹50,000 है
1.92x फिटमेंट: लगभग ₹96,000
2.50x फिटमेंट: लगभग ₹1,25,000
2.86x फिटमेंट: लगभग ₹1,43,000
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से फिटमेंट फैक्टर को और अधिक बढ़ाने की मांग की है। कुछ संगठनों का कहना है कि लेवल-1 कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन ₹50,000 या उससे ज्यादा तक होना चाहिए। वहीं, कई प्रस्तावों में वेतन संरचना को महंगाई और जीवन यापन की लागत के अनुसार पुनः तय करने की बात कही गई है।
DA और भत्तों पर भी असर
नए वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा और इसे शून्य से फिर शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य अलाउंस में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी ये सिर्फ अनुमान हैं, अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही सामने आएगा।

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