खुशखबरी लेकर आई बिहार सरकार: जमीन मालिकों को मिलेगा बड़ा लाभ

पटना। बिहार सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन मापी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इस नए सिस्टम के लागू होने से अब रैयतों को अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा।

अब ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी तरह बंद

सरकारी आदेश के अनुसार जमीन मापी से जुड़ा कोई भी आवेदन अब ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा। न ही मापी पूरी होने के बाद किसी प्रकार की रिपोर्ट ऑफलाइन दी जाएगी। सभी प्रक्रियाएं केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पूरी की जाएंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित अंचल के अमीन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी समयबद्ध

नई व्यवस्था के तहत जमीन मापी की प्रक्रिया को एक तय समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है:

ऑनलाइन आवेदन के 3 दिनों के भीतर अमीन का निर्धारण किया जाएगा। 

7वें दिन जमीन की मापी पूरी करनी होगी। 

14 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। 

इससे प्रक्रिया में देरी और अनावश्यक परेशानी की संभावना खत्म हो जाएगी।

जियो-टैग फोटो अनिवार्य

मापी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए अमीन को मौके पर ही जियो-टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। बिना जियो-टैग फोटो के मापी को मान्य नहीं माना जाएगा। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार का उद्देश्य है कि जमीन से जुड़े विवाद कम हों और लोगों को समय पर सेवा मिले।

रैयतों को मिलेगी बड़ी राहत

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से आम लोगों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। अब उन्हें अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।

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