1. न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी
कर्मचारी संघों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को 3.0–3.25 तक बढ़ाया जाए। ऐसा होने पर वर्तमान ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹54,000 तक हो सकती है। इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
2. फिटमेंट फैक्टर में सुधार
सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। हालांकि 8वें वेतन आयोग में यह 1.83 से 2.46 के बीच रहने का अनुमान है। इसका सीधा असर सभी स्तर के कर्मचारियों के वेतन में 30% से 34% तक की बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा।
3. एरियर का भुगतान
नए वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की संभावना है। इसके कारण कर्मचारियों को 20 महीने या उससे अधिक का बकाया भुगतान (एरियर) मिल सकता है। कर्मचारियों को इस अवधि के लिए ₹3.6 लाख से ₹15 लाख तक का भुगतान होने की संभावना है।
4. पेंशन सुधार और पुरानी पेंशन योजना
लगभग 65–69 लाख पेंशनभोगियों के लिए पेंशन में सुधार की संभावना है। कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में सुनिश्चित हो सके।
5. नियमित प्रमोशन और भत्तों में वृद्धि
कर्मचारियों के लिए सेवा के दौरान कम से कम 4–5 बार प्रमोशन की संभावना बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA) 50% पार होने पर इसे बेसिक सैलरी में मर्ज करने और उसके आधार पर HRA व अन्य भत्तों की गणना करने की उम्मीद है।

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