8वें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन की मांग तेज, कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच, National Council-Joint Consultative Machinery (स्टाफ साइड) ने आयोग के सामने अपनी मांगों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। लाखों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली इस संस्था ने 9 सूत्रीय मांगों की सूची पेश करते हुए कई अहम बदलावों की मांग की है।

OPS बहाली बनी सबसे बड़ी मांग

कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की है। उनका कहना है कि मौजूदा NPS और नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से उन्हें संतोष नहीं है। वे गैर-अंशदायी पेंशन प्रणाली की वापसी चाहते हैं, जिसे वे अधिक सुरक्षित मानते हैं।

पेंशनभोगियों के लिए अलग व्यवस्था की मांग

कर्मचारी संगठनों ने आयोग से पेंशनभोगियों के लिए अलग सेक्शन बनाने की मांग की है। इसमें पेंशन की बहाली, बढ़ोतरी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में समानता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल करने पर जोर दिया गया है।

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान की मांग

इस बार महिला कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। इसमें कार्यस्थल पर सुरक्षा, मातृत्व लाभ, चाइल्ड केयर लीव और मासिक धर्म अवकाश जैसे विषयों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है, ताकि उन्हें बेहतर कार्य माहौल मिल सके।

संगठन द्वारा विभागवार समस्याओं पर ध्यान देने की मांग

कर्मचारियों का कहना है कि हर विभाग की कार्यप्रणाली अलग होती है, इसलिए आयोग को विभाग-विशेष समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए अलग व्यवस्था करनी चाहिए।

कर्मचारियों से सुझाव लेने समयसीमा बढ़ाने की मांग भी की जा रही है

मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग भी की गई है। संगठनों का तर्क है कि देशभर के कर्मचारियों से सुझाव लेने और उन्हें व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने के लिए अधिक समय जरूरी है। कर्मचारियों ने प्रश्नावली के फॉर्मेट को सरल बनाने की बात कही है, ताकि सभी मुद्दों को सही तरीके से रखा जा सके। साथ ही, केवल ऑनलाइन ही नहीं बल्कि ईमेल और हार्ड कॉपी के जरिए भी सुझाव स्वीकार करने की मांग उठाई गई है।

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