2021 के मुकाबले बदला गणित
अगर पिछले चुनाव की बात करें, तो 2021 में TMC ने 215 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि BJP को 77 सीटें मिली थीं। मौजूदा सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि TMC की पकड़ थोड़ी ढीली हो सकती है, जबकि BJP ने अपने जनाधार में विस्तार किया है।
BJP को इस बार 108 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले सर्वे के मुकाबले बेहतर स्थिति को दर्शाता है। यह संकेत देता है कि पार्टी राज्य में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा सकती है और कई क्षेत्रों में सीधी टक्कर दे रही है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा हैं कई सीटों पर बराबर की टक्कर देखने को मिल रही हैं।
TMC को बढ़त, लेकिन घट सकती हैं सीटें
कई रिपोर्ट्स और ताजा सर्वे के अनुसार, 294 सदस्यीय विधानसभा में TMC बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती हैं। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद संभाल सकती हैं। हालांकि, सीटों में संभावित कमी पार्टी के लिए चिंता का विषय जरूर है।
पश्चिम बंगाल में अब कांग्रेस-वाम दल हाशिए पर
सर्वे में कांग्रेस और वाम दलों की स्थिति कमजोर बनी हुई है। उन्हें महज 0 से 4 सीटों तक सिमटने का अनुमान है, जिससे साफ है कि मुख्य मुकाबला TMC और BJP के बीच ही केंद्रित हो गया है।
पश्चिम बंगाल में अब क्षेत्रवार मुकाबला भी दिलचस्प
राज्य के अलग-अलग इलाकों में अलग तस्वीर दिख रही है। मिदनापुर क्षेत्र में BJP को बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि प्रेसिडेंसी और मालदा जैसे इलाकों में TMC की पकड़ मजबूत बनी हुई है। इससे संकेत मिलता है कि चुनावी लड़ाई क्षेत्रीय स्तर पर काफी दिलचस्प हो सकती है।
मतदाताओं के रुझान भी दिलचस्प हैं। मुस्लिम वोटर बड़े पैमाने पर TMC के साथ बने हुए हैं, जबकि SC-ST और सवर्ण हिंदू वोटरों का झुकाव BJP की ओर बढ़ता दिख रहा है। यह सामाजिक समीकरण चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकता है। बंगाल में सत्ता का ताज भले ही TMC के सिर पर रहे, लेकिन BJP की बढ़ती ताकत आने वाले चुनाव को बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला बना सकती है।

0 comments:
Post a Comment