1. पुरानी पेंशन योजना की वापसी
कर्मचारी चाहते हैं कि एनपीएस और यूपीएस जैसी नई पेंशन योजनाओं की समीक्षा करके पुरानी ओपीएस प्रणाली को बहाल किया जाए। उनका मानना है कि अंशदान आधारित पुरानी पेंशन उनके भविष्य को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाती है।
2. पेंशनभोगियों के अधिकार सुरक्षित हों
आयोग को सुझाव दिया गया है कि पेंशनभोगियों के मामलों को अलग से ध्यान में रखा जाए। पेंशन में बदलाव या नियमों में असमानता से बचने के लिए विशेष प्रावधान आवश्यक हैं।
3. महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और सुविधा
महिला कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मातृत्व लाभ, मासिक अवकाश और ऑफिस में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग डिविजन बनाने की मांग की गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित और समर्थ वातावरण बनाना है।
4. विभागों की समस्याओं पर ध्यान देने की भी मांग
हर सरकारी विभाग की अलग आवश्यकताएं होती हैं। NC-JCM ने कहा है कि आयोग को प्रत्येक विभाग की विशेष समस्याओं और उनके कैडर से जुड़े मुद्दों को शामिल करना चाहिए।
5. ज्ञापन जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की भी मांग
कर्मचारी संगठन ने विभाग-विशिष्ट सुझाव भेजने की आखिरी तारीख को 31 मई 2026 तक बढ़ाने की मांग की है, ताकि सभी संघ और कर्मचारी अपनी बात स्पष्ट रूप से प्रस्तुत कर सकें।
6. आयोग से तकनीकी सुधार जरूरी करने की भी मांग की गई
आयोग से यह भी अनुरोध किया गया है कि प्रश्नावली में शब्द सीमा बढ़ाकर 1000 शब्द की जाए और दस्तावेज़ अटैचमेंट की अधिकतम साइज़ 2MB से 10MB कर दी जाए, ताकि कर्मचारी पूरी जानकारी आसानी से भेज सकें। इन छह मांगों के पूरा होने से केंद्रीय कर्मचारियों का भविष्य और उनकी आर्थिक सुरक्षा सीधे प्रभावित होगी।
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