कौन-कौन होंगे लाभार्थी
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस बार पोर्टल खुलने पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ट्रांसजेंडर समुदाय के योग्य छात्र-छात्राओं को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र छात्र को केवल तकनीकी कारणों से वंचित न रहना पड़े।
बीते वर्ष इस योजना के तहत कुल 62 लाख छात्रों को लाभ पहुंचाया गया था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई थी। इसमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
सरकार की मंशा और सामाजिक महत्व
दरअसल, सरकार की कोशिश है कि हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचे और कोई भी छात्र आर्थिक कठिनाई या तकनीकी कारण से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य मजबूत होगा।
आपको बता दें की छात्रों के लिए यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर भी देती है। प्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाने और समाज में समानता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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