सड़क पर निर्भर बदायूं
बदायूं जनपद की आबादी करीब 35 लाख है, लेकिन यहां के लोग आज भी मुख्य रूप से सड़क मार्ग और रोडवेज बसों पर निर्भर हैं। सांसद ने कहा कि रेल कनेक्शन न होने के कारण न केवल लोगों की यात्रा कठिन होती है, बल्कि जिले का आर्थिक और औद्योगिक विकास भी प्रभावित हो रहा है।
परियोजना से जुड़े फायदे
नई रेल लाइन बनने पर बदायूं का सीधा संपर्क दिल्ली, लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से होगा। इसके साथ ही यह मार्ग पश्चिमी यूपी के औद्योगिक जिलों को पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारा बन सकता है। इससे नए उद्योग, व्यापार के अवसर और रोजगार के मौके बढ़ेंगे।
यात्री और माल परिवहन में सुधार
सांसद ने बताया कि नई लाइन से यात्री और माल ढुलाई दोनों में तेजी आएगी। यह सुविधा किफायती होने के साथ-साथ समय की बचत भी करेगी और रेलवे की आमदनी में इजाफा करेगी।
सांसद की केंद्र सरकार से अपील
आदित्य यादव ने केंद्र सरकार से कहा है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द प्राथमिकता दी जाए। साथ ही रेलवे बोर्ड के माध्यम से सर्वे और योजना कार्य जल्द शुरू किया जाए, ताकि बदायूं के लोग आधुनिक और तेज रेल नेटवर्क का लाभ उठा सकें।

0 comments:
Post a Comment