सरकार ने अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को नए समय के अनुसार ही केंद्र भेजें। साथ ही, बच्चों को हल्के कपड़े पहनाने, पर्याप्त पानी पिलाने और दोपहर की तेज धूप से बचाने की सलाह भी दी गई है। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समय पर केंद्र पहुंचकर सभी जरूरी कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और नियमितता बनी रहे।
गर्मी से बचाव के लिए बदला समय
सरकार का यह कदम छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को तेज धूप और लू से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। दोपहर के समय तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, ऐसे में केंद्रों को पहले खोलकर जल्दी बंद करने का फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है।
सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी
समय में बदलाव के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों की मूल सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बच्चों की प्री-स्कूल शिक्षा, पोषाहार वितरण, स्वास्थ्य जांच, इन सभी गतिविधियों को निर्धारित समय के भीतर ही पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को मिली अतिरिक्त शक्तियां
सरकार ने जिलों के प्रशासन को भी स्थिति के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार दिया है। अगर किसी क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप अधिक होता है, तो वहां के जिलाधिकारी समय में और बदलाव कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद भी कर सकते हैं।

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