तीन चरणों में काम
परियोजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है:
पहला चरण: खलीलाबाद से बांसी तक (54 किमी) – निर्माण सबसे तेज़ गति से चल रहा है।
दूसरा चरण: बांसी से एकौना तक (119 किमी) – टेंडर प्रक्रिया पूरी, गिट्टी और बोल्डर इकट्ठा किए जा रहे हैं।
तीसरा चरण: एकौना से बहराइच तक (66 किमी) – अंतिम कार्य प्रारंभ।
निर्माण कार्य की स्थिति
खलीलाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के लिए सर्विस लेन तैयार की जा रही है। मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई, मिट्टी भराई और अन्य आधारभूत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। प्रशासनिक अड़चनें भी दूर कर दी गई हैं। बहराइच और सिद्धार्थनगर के अधिकांश हिस्सों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि श्रावस्ती खंड के लिए अंतिम प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
लाभ आम जनता के लिए
नई रेल लाइन से मेहदावल, डुमरियागंज, उतरौला और भिनगा जैसे क्षेत्रों का सीधा जुड़ाव होगा। इसके साथ ही, श्रावस्ती के बौद्ध तीर्थस्थल और देवीपाटन मंदिर को भी रेल सेवा से जोड़कर पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खोले जाएंगे।
चार जिले होंगे कनेक्टेड
इस परियोजना से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे पूर्वांचल के लोगों के लिए यात्रा आसान और तेज़ होगी। रेल मंत्रालय की योजना है कि यह परियोजना 2026 के अंत तक पूरी तरह पूरा हो जाए, जिससे जनपदवासियों को इसका लाभ मिल सके।

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