वेतन आयोग ने पकड़ी रफ्तार
8वें वेतन आयोग के गठन के बाद अब इसके काम ने गति पकड़ ली है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी रिपोर्ट लगभग 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंप सकता है। इस रिपोर्ट में वेतन संरचना, विभिन्न भत्तों और पेंशन से जुड़े कई अहम सुझाव शामिल होंगे, जिनका सीधा असर कर्मचारियों की आय पर पड़ेगा।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से फायदा
कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। फिलहाल इसे 3 से 3.25 के बीच रखने का प्रस्ताव सामने आ रहा है। अगर यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि मौजूदा 18,000 रुपये का बेसिक वेतन बढ़कर लगभग 50,000 रुपये से ज्यादा हो सकता है, जो कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
एरियर को लेकर भी उम्मीदें
वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों को पिछली अवधि का बकाया यानी एरियर भी मिल सकता है। अनुमान के मुताबिक यह एरियर करीब 18 से 20 महीनों तक का हो सकता है, जिससे एकमुश्त अच्छी-खासी रकम कर्मचारियों के खाते में आ सकती है।
डीए मर्ज होने से सैलरी में उछाल
महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में शामिल करने की मांग भी लगातार उठ रही है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि 50% डीए को बेसिक में मर्ज किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो न केवल बेसिक सैलरी बढ़ेगी बल्कि भविष्य में मिलने वाले भत्तों और पेंशन की गणना भी बढ़े हुए आधार पर होगी, जिससे कुल आय में बड़ा इजाफा होगा।

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