पारंपरिक काम से आधुनिक कारोबार तक
राज्य का ग्रामीण विकास विभाग जीविका दीदियों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार सहायता योजना के साथ जोड़ते हुए उन्हें विश्वकर्मा योजना से भी लाभान्वित करने जा रहा है। इससे महिलाएं अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, कारीगरी और अन्य रोजगार के कामों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से कुशल कारोबारी में बदल पाएंगी।
कम ब्याज पर ऋण का प्रावधान
आपको बता दें की इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को कम ब्याज दर पर ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाएं अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक कच्चा माल खरीद सकेंगी और अपने उत्पादों का निर्माण बढ़ा सकेंगी।
बाजार और प्रशिक्षण में मदद
सरकार की योजना में प्रशिक्षण देने के बाद उत्पाद तैयार करने के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराना और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा मार्केटिंग सहायता भी दी जाएगी, ताकि महिलाएं अपने उत्पाद को लोकल से ग्लोबल स्तर तक पहुंचा सकें।
रोजगार और आय में बढ़ोतरी
इस पहल से न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने और प्रवासन रोकने में भी मदद करेगा। वर्तमान में लगभग दो करोड़ महिलाएं जीविका समूह से जुड़ी हैं, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं।
0 comments:
Post a Comment