समय पर फाइलिंग क्यों है जरूरी?
अगर आप एक सामान्य टैक्सपेयर हैं और आपके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। इसके अलावा, जिन लोगों से पहले रिटर्न भरते समय कोई गलती हो गई हो, उनके लिए अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) का विकल्प भी दिया गया है, जिससे वे अपनी जानकारी सुधार सकते हैं।
क्या इस बार नए कानून का असर पड़ेगा?
बहुत से लोगों को यह भ्रम है कि नए टैक्स कानून का असर इस बार की फाइलिंग पर पड़ेगा। लेकिन साफ तौर पर कहा गया है कि इस साल आपको पुराने नियमों के तहत ही रिटर्न भरना होगा। नए बदलावों का असर अगली फाइलिंग पर देखने को मिलेगा।
आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही?
सही ITR फॉर्म का चयन करना सबसे जरूरी कदम है। गलत फॉर्म भरने से आपका रिटर्न रिजेक्ट भी हो सकता है।
ITR-1 (सहज): उन लोगों के लिए जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और आय का स्रोत सैलरी, एक मकान या ब्याज है।
ITR-4 (सुगम): छोटे व्यापारियों या प्रोफेशनल्स के लिए, जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है।
ITR-2: उन लोगों के लिए जिनकी आय में कैपिटल गेन शामिल है।
ITR-3: बिजनेस या प्रोफेशन से आय कमाने वालों के लिए।
ITR-6 और ITR-7: कंपनियों और ट्रस्ट/संस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

0 comments:
Post a Comment