रीढ़ की हड्डी में दर्द के 5 प्रमुख कारण
1. गलत पोश्चर में बैठना: लंबे समय तक झुककर बैठने या मोबाइल का इस्तेमाल करते समय गर्दन नीचे रखने से रीढ़ पर दबाव बढ़ सकता है। इससे पीठ और गर्दन में दर्द होने लगता है।
2. मांसपेशियों में खिंचाव: भारी सामान गलत तरीके से उठाने, अचानक मुड़ने या जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से पीठ की मांसपेशियों और लिगामेंट में खिंचाव आ सकता है।
3. स्लिप डिस्क की समस्या: रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में बदलाव या उसके बाहर की ओर उभरने से नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे कमर में दर्द के साथ पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन भी महसूस हो सकता है।
4. उम्र बढ़ने के साथ बदलाव: उम्र के साथ रीढ़ की डिस्क और जोड़ों में घिसाव हो सकता है। इससे अकड़न, दर्द और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।
5. हड्डियों का कमजोर होना: ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थिति में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इससे रीढ़ की हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ सकता है और पीठ में दर्द हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर रीढ़ में दर्द लगातार बना रहे, बार-बार हो या रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लें। दर्द के साथ पैरों में कमजोरी, पेशाब या मल पर नियंत्रण में परेशानी, या निजी अंगों के आसपास सुन्नपन हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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