चीन का महाप्लान तैयार! धड़ाधड़ सोना खरीद रहा ड्रैगन, दुनिया को चौंकाने की तैयारी!

नई दिल्ली। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सोने को लेकर अलग-अलग रणनीतियां देखने को मिल रही हैं। एक तरफ रूस सरकारी खर्च की जरूरतें पूरी करने के लिए अपने गोल्ड रिजर्व का इस्तेमाल कर रहा है, तो दूसरी ओर चीन लगातार सोना जमा करने में जुटा है। इन बदलते रुझानों ने वैश्विक गोल्ड मार्केट में हलचल बढ़ा दी है।

रूस क्यों बेच रहा है अपना सोना?

रूस के सामने बढ़ता बजट घाटा और रक्षा क्षेत्र पर भारी खर्च बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए नेशनल वेल्थ फंड में रखे सोने को बेच रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में रूस ने लगभग 6.2 टन सोना बेचा। दिसंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच उसकी कुल बिकवाली करीब 62 टन बताई गई है।

रूस के लिए सोना एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा है। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों की ओर से रूसी विदेशी संपत्तियों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने उसके लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय रिजर्व का इस्तेमाल मुश्किल कर दिया था। ऐसे में सोने को जरूरत के समय धन जुटाने के एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

चीन क्यों बढ़ा रहा है सोने का भंडार?

वहीं, रूस के उलट चीन की रणनीति सोना जमा करने पर केंद्रित है। दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में चीन के केंद्रीय बैंक ने करीब 23 टन सोना खरीदा, जिससे उसका आधिकारिक स्वर्ण भंडार लगभग 2,410 टन हो गया।

चीन की लगातार खरीदारी के पीछे विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय सुरक्षा मजबूत करने जैसे उद्देश्य हो सकते हैं। सोने में निवेश से किसी देश को अपनी संपत्तियों का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

भारत में सोने के आयात में क्यों आई गिरावट?

भारत की तस्वीर चीन से अलग नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत का सोने का आयात सालाना आधार पर करीब 81 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। पिछले साल इसी महीने यह लगभग 9.6 अरब डॉलर था।

आयात में गिरावट के पीछे ऊंचे आयात शुल्क, रुपये की कमजोरी और सोने की खरीद को लेकर बदले हालात जैसे कारण बताए गए हैं। भारत के लिए सोने का आयात इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा की मांग प्रभावित होती है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक के पास लगभग 880.52 टन सोना होने की जानकारी दी गई है।

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