क्या होता है कार्डियक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट में दिल की विद्युत गतिविधि बिगड़ने के कारण दिल की धड़कन अचानक प्रभावी रूप से बंद हो सकती है। यह हार्ट अटैक से अलग है। हार्ट अटैक में आमतौर पर दिल तक खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट होती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल खून पंप करना बंद कर देता है। हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण भी बन सकता है।
कार्डियक अरेस्ट के 5 बड़े संकेत
1. अचानक बेहोश हो जाना
कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति अचानक गिर सकता है या बेहोश हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग तक खून की आपूर्ति रुक जाती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और प्रतिक्रिया न दे, तो इसे गंभीरता से लें।
2. सांस सामान्य न रहना
कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति की सांस रुक सकती है या वह असामान्य तरीके से हांफ सकता है। कभी-कभी सांस लेने जैसी आवाजें आती हैं, लेकिन यह सामान्य सांस नहीं होती। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन मदद की जरूरत होती है।
3. अचानक प्रतिक्रिया देना बंद करना
यदि कोई व्यक्ति आवाज देने या कंधे पर हल्का थपथपाने पर भी प्रतिक्रिया नहीं देता, तो यह कार्डियक अरेस्ट का संकेत हो सकता है। खासकर जब व्यक्ति अचानक गिरा हो और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा हो, तो देर करना खतरनाक हो सकता है।
4. सीने में दर्द या दबाव
कुछ लोगों में कार्डियक अरेस्ट से पहले सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस हो सकता है। इसके साथ बेचैनी, पसीना या सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, कार्डियक अरेस्ट हमेशा पहले से स्पष्ट चेतावनी देकर नहीं आता।
5. तेज धड़कन, चक्कर या सांस फूलना
कुछ मामलों में दिल की धड़कन अचानक बहुत तेज या अनियमित हो सकती है। चक्कर आना, अचानक कमजोरी महसूस होना या सांस फूलना भी गंभीर हृदय समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
कार्डियक अरेस्ट होने पर क्या करें?
अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए, प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा को फोन करें। भारत में एंबुलेंस के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। मदद आने तक सीने के बीचोंबीच तेज और लगातार दबाव देकर सीपीआर शुरू करें। यदि ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) उपलब्ध हो, तो उसके निर्देशों का पालन करें।

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