बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सामान्य जीएसटी पेनल्टी को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा 10 हजार रुपये से कम की डिमांड पर कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करने का फैसला लिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को छोटी टैक्स संबंधी चूक पर बड़ी कार्रवाई से राहत मिलने की उम्मीद है।
रिफंड प्रक्रिया भी होगी तेज
काउंसिल ने रिफंड व्यवस्था को आसान बनाने पर भी जोर दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक रिफंड आवेदन को 10 दिनों के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक्नॉलेजमेंट मिलने के बाद करीब 3 दिनों के भीतर रिफंड जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।
मुकदमे की सीमा बढ़ी
जीएसटी मामलों में मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा जीएसटी कानून के तहत अधिकारियों के Power of Arrest को खत्म करने का फैसला भी लिया गया है।
फार्मा और FMCG को ITC
1 नवंबर से फार्मा और FMCG सेक्टर को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिलने की बात कही गई है। इससे इन क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनियों को टैक्स क्रेडिट के स्तर पर राहत मिल सकती है।
GST दरों में फिलहाल बदलाव नहीं
काउंसिल की बैठक में फिलहाल जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरों की साल में एक बार समीक्षा की जाएगी और किसी बदलाव को लागू करने की तारीख 1 अप्रैल रखी जाएगी। इन फैसलों का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाना और छोटे कारोबारियों को छोटी टैक्स संबंधी गलतियों या कम रकम के मामलों में अनावश्यक परेशानी से राहत देना है।

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