हर बस की खरीद पर मिलेगा सरकारी अनुदान
इस योजना के तहत बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार ने इसके लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल चुना है। इसमें बसों की खरीद और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनियों की होगी, जबकि यात्रियों का किराया सरकार तय करेगी।
12 मीटर लंबी बस खरीदने पर प्रति बस 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा। बसों के व्यावसायिक संचालन की शुरुआत से 12 साल के लिए अनुबंध किया जाएगा।
चार्जिंग से लेकर रखरखाव तक जिम्मेदारी
निजी ऑपरेटर बसों की खरीद के साथ चार्जिंग उपकरणों की व्यवस्था, चालक और तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा बसों के नियमित रखरखाव का काम भी करेंगे। डिपो बनाने के लिए संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण की ओर से जरूरत के अनुसार निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
इन 18 शहरों में चलेंगी बसें
योजना में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा को शामिल किया गया है। नोएडा के साथ जेवर क्षेत्र भी इस योजना का हिस्सा होगा।
फिलहाल प्रदेश के 15 नगर निगमों में 743 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। नई योजना के जरिए नगरीय परिवहन का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

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