डीजीपीएस मशीन से हो रही जांच
खगड़िया से पूर्णिया तक, नवगछिया के रास्ते, सड़क की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा रहा है। दिल्ली और कोलकाता से आई तकनीकी टीमें डीजीपीएस मशीन की मदद से सड़क की ऊंचाई, जमीनी स्तर, घुमाव और अन्य जरूरी बिंदुओं के आंकड़े जुटा रही हैं। इस जानकारी के आधार पर फोरलेन सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।
इन इलाकों को मिल सकता है फायदा
एनएच-31 के चौड़ीकरण से खगड़िया, बिहपुर, नवगछिया और पूर्णिया के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने पर जाम की समस्या कम हो सकती है और यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी सहूलियत मिल सकती है। यह मार्ग कोसी और सीमांचल को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाता है।
सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल परियोजना सर्वे और तकनीकी आकलन के चरण में है। सर्वे के नतीजों के आधार पर आगे की योजना और निर्माण से जुड़े कदम तय किए जाएंगे। इसलिए सड़क निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।
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