कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक फाइलिंग में बताया गया है कि यह पैकेज पूरी तरह निश्चित नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यानी कंपनी जितना बेहतर प्रदर्शन करेगी, उतना अधिक लाभ पिचाई को मिल सकता है।
प्रदर्शन पर टिका है बड़ा हिस्सा
नए कॉम्पेनसेशन प्लान में पिचाई को मिलने वाले स्टॉक इंसेंटिव का अहम रोल होगा। इसके तहत उन्हें परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स दिए जाएंगे, जिनकी टारगेट वैल्यू लगभग 126 मिलियन डॉलर बताई गई है। इन स्टॉक्स को दो हिस्सों में बांटा गया है और इनकी वास्तविक कीमत कंपनी के प्रदर्शन से तय होगी।
कंपनी की तुलना अन्य बड़ी कंपनियों से की जाएगी, जिनका आकलन S&P 100 इंडेक्स के आधार पर होता है। यदि कंपनी का प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रहता है तो इन स्टॉक्स का मूल्य दोगुना तक हो सकता है। वहीं, कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में इस हिस्से से मिलने वाला लाभ कम या शून्य भी हो सकता है।
बेस सैलरी और स्टॉक रिवॉर्ड
इस पैकेज में पिचाई की सालाना बेस सैलरी लगभग 2 मिलियन डॉलर रखी गई है। इसके अलावा उन्हें लगभग 84 मिलियन डॉलर के रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स भी दिए जाएंगे, जो समय के साथ उन्हें मिलते रहेंगे।
सहायक कंपनियों से भी इंसेंटिव
इस बार कंपनी ने अपने कुछ उभरते प्रोजेक्ट्स को भी इस पैकेज से जोड़ा है। खासतौर पर कंपनी की दो सहायक इकाइयों के प्रदर्शन पर पिचाई को अतिरिक्त इंसेंटिव मिल सकता है। इनमें शामिल हैं: Waymo – स्वचालित ड्राइविंग तकनीक पर काम करने वाली कंपनी, Wing Aviation – ड्रोन के जरिए डिलीवरी सेवा विकसित करने वाला प्रोजेक्ट। इन कंपनियों की प्रगति के आधार पर पिचाई को सैकड़ों मिलियन डॉलर तक के अतिरिक्त स्टॉक लाभ मिलने की संभावना है।

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