क्यों जरूरी है ई-केवाईसी
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में परिवारों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिसके कारण सरकार को अंतिम तिथि आगे बढ़ानी पड़ी है।
काफी लोग अभी भी प्रक्रिया से दूर
बताया जा रहा है कि राज्य में करीब 18 प्रतिशत लाभार्थियों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। कई परिवारों के ई-केवाईसी न होने के कारण उन्हें भविष्य में राशन लेने में दिक्कत हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लोगों को एक और मौका देते हुए अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है।
कई बार बढ़ चुकी है अंतिम तिथि
सरकार की ओर से पहले ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तय की गई थी। लेकिन उस समय बहुत कम संख्या में लाभार्थियों ने यह प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद डेडलाइन बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई, फिर भी बड़ी संख्या में लोग ई-केवाईसी नहीं करा सके। अंततः सरकार ने एक बार फिर समय बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया है ताकि सभी लाभार्थी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें।
दूसरे राज्य में रहने वाले भी करा सकते हैं ई-केवाईसी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिहार के जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे राज्यों में रह रहे हैं, उन्हें ई-केवाईसी के लिए बिहार आने की आवश्यकता नहीं है। वे देश के किसी भी राज्य में स्थित जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकान पर जाकर अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं।

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