इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी अंचल अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के संबंध में प्रतिकूल टिप्पणियां की जा रही हैं, जो सरकारी आचरण नियमों के विरुद्ध है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1976 के नियम 10 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी रेडियो, समाचार पत्र, लेख, पत्र या किसी सार्वजनिक मंच के माध्यम से ऐसा वक्तव्य या विचार व्यक्त नहीं कर सकता जिससे केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचना होती हो। इसके अलावा बिना सरकार की पूर्व अनुमति के किसी समाचार पत्र, रेडियो या अन्य मीडिया से संबंध रखना भी नियमों के खिलाफ माना गया है।
विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि पिछले दो महीनों से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान यह देखा गया है कि कुछ राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़ी नकारात्मक टिप्पणियां की हैं। यह कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से विभिन्न प्रमंडलीय मुख्यालयों में आयोजित किया जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के खिलाफ पोस्ट, टिप्पणी या वीडियो साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद राजस्व विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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