पांच सदस्यीय कमेटी का गठन
मुशहरी अंचल प्रशासन ने इस पूरे मामले की निगरानी और कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अंचल अमीन और अन्य राजस्व कर्मियों को शामिल किया गया है। कमेटी का मुख्य काम जमीन की सही पहचान करना, उसकी पैमाइश कराना और अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत आकलन करना होगा।
सेना से मांगी गई जमीन की जानकारी
अंचलाधिकारी ने रक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर अंचल क्षेत्र में मौजूद रक्षा भूमि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इससे जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच आसान होगी और प्रशासन सही आधार पर कार्रवाई कर सकेगा।
अवैध कब्जाधारियों को मिलेगा समय
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के अनुसार, पहले जमीन की पैमाइश कर उसकी स्पष्ट पहचान की जाएगी और वहां पिलर लगाए जाएंगे। इसके बाद जिन लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जा किया है, उन्हें उसे खाली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा। तय समय सीमा के बाद प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा।
दस्तावेजों की जांच और दाखिल-खारिज प्रक्रिया
सेना के अनुरोध के बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी गई है। अंचल प्रशासन ने रक्षा विभाग के कमांडेंट को पत्र भेजकर बताया है कि जमीन को सुरक्षित रखने के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इससे जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट होगा और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद नहीं होगा।
प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि जिले में रक्षा विभाग की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। बनाई गई कमेटी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जल्द से जल्द जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।

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