1 .सुझाव देने की प्रक्रिया शुरू
वेतन आयोग से जुड़े मामलों पर सरकार ने सुझाव और राय आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक 8cpc.gov.in पोर्टल या MyGov वेबसाइट के माध्यम से अपना ज्ञापन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
2 .न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान में यह 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 51,000 से 54,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन कम से कम 40,000 रुपये से अधिक हो सकता है।
3 .फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा
वेतन संशोधन के लिए फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी चर्चा चल रही है। कर्मचारियों की ओर से 2.86 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की जा रही है। अगर यह करीब 3.0 तय होता है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
4 .पेंशनभोगियों को भी राहत
नए वेतन आयोग से पेंशनभोगियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर लगभग 17,000 से 25,000 रुपये के बीच हो सकती है। इसके अलावा EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है।
5 .महंगाई भत्ता बेसिक में जुड़ सकता है
संभावना जताई जा रही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने से पहले महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में शामिल किया जा सकता है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2025 से लगभग 55 प्रतिशत DA मिल रहा है और 2026 तक इसके 60 प्रतिशत से ज्यादा पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
6 .1 जनवरी 2026 से लागू होने की सम्भावना
सरकार ने नवंबर 2025 में इस आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। हालांकि अंतिम रिपोर्ट तैयार होने और सिफारिशें लागू होने में करीब 18 महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद कर्मचारियों को एरियर के साथ भुगतान मिलने की संभावना है।
7 .परिवार इकाइयों में बदलाव का प्रस्ताव
वेतन निर्धारण में परिवार इकाइयों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। फिलहाल इसे 3 से बढ़ाकर 5 यूनिट करने की बात कही जा रही है। अगर ऐसा होता है तो वेतन और भत्तों की गणना में कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
8 .हाउस बिल्डिंग एडवांस की सीमा बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने यह भी मांग रखी है कि घर बनाने या खरीदने के लिए मिलने वाले हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की सीमा को बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया जाए। साथ ही इस पर ब्याज दर अधिकतम 5 प्रतिशत रखने का सुझाव दिया गया है।

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