ये सभी अभ्यर्थी लखनऊ के भागीदारी भवन में सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित रेजिडेंशियल कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से जुड़े थे। यहां उन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और अनुभवी मार्गदर्शकों से तैयारी का अवसर मिला, जिससे उन्हें परीक्षा के अंतिम चरण में काफी मदद मिली।
अभ्युदय योजना क्या है?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग, रहने की व्यवस्था, भोजन, लाइब्रेरी की सुविधा, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार की कक्षाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
सरकार ने दी बधाई
प्रदेश के सामाजिक कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सही मार्गदर्शन देना है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे युवाओं को बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन देकर उन्हें देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सफल अभ्यर्थियों की रैंक
इस वर्ष अभ्युदय योजना से जुड़े जिन अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है, उनमें कई ने शानदार रैंक प्राप्त की है।
विमल कुमार – ऑल इंडिया रैंक 107
विपिन देव यादव – ऑल इंडिया रैंक 316
मानसी – ऑल इंडिया रैंक 444
महेश जायसवाल – ऑल इंडिया रैंक 590
अदिति सिंह – ऑल इंडिया रैंक 859
तनीषा सिंह – ऑल इंडिया रैंक 930
इन सभी उम्मीदवारों ने योजना के तहत आयोजित मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम में भी भाग लिया था, जिससे उन्हें इंटरव्यू की बेहतर तैयारी का अवसर मिला। सरकार की अभ्युदय योजना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवा भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

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