EV को लेकर राहत, सैलरी पैकेज होगा और आकर्षक
नए नियमों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को बढ़ावा देने के लिए खास प्रावधान किया गया है। अब कंपनियां अगर कर्मचारियों को EV उपलब्ध कराती हैं, तो उस पर टैक्स का बोझ काफी कम होगा। गाड़ी के इस्तेमाल पर सीमित राशि ही टैक्सेबल मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों के लिए यह सुविधा ज्यादा फायदेमंद बन सकती है। इससे कंपनियां भी अपने सैलरी स्ट्रक्चर में EV को शामिल करने के लिए प्रेरित होंगी और पर्यावरण अनुकूल विकल्प को बढ़ावा मिलेगा।
HRA नियमों में बदलाव, नए शहरों को मिला फायदा
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब कुछ और बड़े शहरों को 50% HRA छूट वाली श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इससे उन शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को ज्यादा टैक्स राहत मिलेगी। हालांकि, कई उभरते शहरी क्षेत्रों को अभी भी पुराने स्लैब में रखा गया है, जिससे अलग-अलग शहरों के बीच टैक्स लाभ में अंतर बना रहेगा।
क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी पर कड़ी नजर
नए नियमों के तहत क्रिप्टोकरेंसी, डिजिटल पेमेंट और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को भी रिपोर्टिंग सिस्टम के दायरे में शामिल किया गया है। इसका मतलब साफ है कि अब डिजिटल एसेट्स से जुड़े हर लेनदेन पर सरकार की नजर रहेगी और नियमों का पालन करना पहले से ज्यादा जरूरी होगा।
डिजिटल रिपोर्टिंग होगी और सख्त
सरकार ने टैक्स सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। अब लेनदेन की निगरानी पहले से ज्यादा सख्ती से की जाएगी। डेटा एनालिटिक्स के जरिए टैक्स चोरी को रोकने की कोशिश होगी और हर ट्रांजैक्शन की बेहतर ट्रैकिंग की जाएगी।

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