क्या है पूरा मामला?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने घोषणा करते हुए बताया कि कुछ ईरानी राजनयिक अधिकारियों को पर्सोना नॉन ग्रेटा घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब उन्हें देश में रहने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें 24 घंटे के भीतर सऊदी अरब छोड़ना होगा। इस फैसले के तहत ईरान के सैन्य अटैशे, सहायक अटैशे और दूतावास से जुड़े अन्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है।
सऊदी का आरोप
सऊदी अरब ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ईरान लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन रहे हैं।
सऊदी का कहना है कि: देश की संप्रभुता को चुनौती दी जा रही है, महत्वपूर्ण ढांचे और आर्थिक हितों को निशाना बनाया गया है, राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हुआ। सऊदी ने इन गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
चेतावनी भी जारी
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि अगर इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं, तो भविष्य में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार ने पहले भी चेतावनी दी थी, लेकिन अब यह कदम उठाकर सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है।
क्षेत्रीय घटनाओं से जुड़ा मामला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में क्षेत्र में बड़े सैन्य घटनाक्रम हुए हैं। फरवरी के अंत में ईरान से जुड़े ठिकानों पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा हमले किए गए थे, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने भी कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में स्थित सैन्य ठिकाने शामिल थे।
सऊदी की कार्रवाई पर ईरान की चुप्पी
अब तक ईरान की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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