लोन की कैटेगरी
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की शुरुआत तीन कैटेगरी में हुई थी – शिशु, किशोर और तरुण। इसके बाद नई कैटेगरी तरुण प्लस को जोड़ा गया, जिससे बड़े व्यवसायों को भी लोन की सुविधा मिल सके।
शिशु: 50,000 रुपये तक का लोन
किशोर: 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक
तरुण: 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक
तरुण प्लस: 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक
इस तरह, जो व्यक्ति अपनी कैटेगरी में योग्य है, उसे उसी अनुसार लोन राशि मिलती है।
लोन किस लिए लिया जा सकता है
यह लोन मैन्युफैक्चरिंग, बिजनेस और सर्विस सेक्टर में वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए दिया जाता है। इसमें कृषि से जुड़ी गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन आदि भी शामिल हैं। ब्याज दरें आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार तय की जाती हैं और री-पेमेंट की अवधि आमतौर पर 3 से 7 वर्ष होती है।
योजना की खासियत
प्रोसेसिंग फीस न्यूनतम या शून्य
लोन के लिए कोई गारंटी या कोलेटरल नहीं चाहिए
ब्याज दर 9% से 15% प्रति वर्ष, बैंक के MCLR या बेस रेट पर आधारित
व्यवसाय आय सृजन करने वाले भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं
पात्रता उम्र 18 वर्ष से ऊपर, कोई बैंक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए
जरूरी दस्तावेज
लोन के लिए आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज आवश्यक हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड, पता प्रमाण, व्यवसाय से जुड़ा कोटेशन, बैंक स्टेटमेंट, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
कौन देता है लोन
PMMY के तहत लोन कई संस्थाओं के जरिए दिया जाता है, जिनमें शामिल हैं। कॉमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), लघु वित्त बैंक (SFB), कुछ एनबीएफसी और एमएफआई। इस योजना से छोटे और मध्यम व्यवसायियों को बिना किसी गारंटी के बड़े स्तर पर वित्तीय मदद मिल रही है।

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