भारतीय सेना में 7वीं पिनाका रेजिमेंट की एंट्री, चीन और पाक के उड़े होश

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपनी ताकत को और बढ़ाते हुए 7वीं पिनाका रेजिमेंट को शामिल किया है। पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा खतरे बढ़ने के बीच यह कदम भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। 

नई रेजिमेंट के आने के साथ अब सीमाओं पर कुल सात पिनाका रेजिमेंट तैनात हैं। इसके अलावा, इस साल के अंत तक भारतीय सेना एक और रेजिमेंट को शामिल करने की तैयारी कर रही है, जिससे पिनाका रेजिमेंटों की संख्या 8 तक पहुंच जाएगी।

पिनाका रेजिमेंट की तैयारी और क्षमता

एक पिनाका रेजिमेंट में आम तौर पर तीन बैटरी होती हैं, और हर बैटरी में छह पिनाका लॉन्चर होते हैं। यानी एक रेजिमेंट के पास कुल 18 लॉन्चर होते हैं। ट्रेनिंग और युद्ध के दौरान रिप्लेसमेंट के लिए दो अतिरिक्त लॉन्चर रखे जाते हैं। छह लॉन्चर की एक बैटरी लगभग 44 सेकंड में 72 रॉकेट दाग सकती है। यह सिस्टम हाई-मोबिलिटी ट्रक (टाट्रा या टाटा) पर लगाया गया है और इसमें शूट एंड स्कूट तकनीक का इस्तेमाल होता है।

पिनाका रॉकेट की खासियत

यह भारत का प्रमुख स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर है। शुरुआती रेंज 40 किमी थी, लेकिन नए वेरिएंट जैसे गाइडेड पिनाका और लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट के साथ रेंज 120 किमी तक बढ़ गई है। लंबी दूरी तक दुश्मनों के ठिकानों, बंकरों और टैंकों को निशाना बनाने में सक्षम है। कम समय में बड़ी इलाकों को निशाना बनाने की क्षमता के कारण यह रॉकेट भारतीय सेना के लिए डीप-स्ट्राइक ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण संपत्ति बन चुका है।

आगे की क्या है पूरी तैयारी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आठवीं रेजिमेंट को इसके आधे से अधिक साजो-सामान मिल चुका है और यह 2026 के अंत तक चालू होने वाली है। अगले साल दो और रेजिमेंटों के चालू होने की संभावना है, जिससे तैनाती में पिनाका रेजिमेंटों की कुल संख्या 10 तक पहुंच जाएगी।

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