8वें वेतन आयोग: ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर 1 बड़ी खबर

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चा के बीच, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है। कर्मचारी संघ और ट्रेड यूनियनें जैसे AITUC, नई और यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (NPS/UPS) को हटाकर OPS को एकमात्र पेंशन विकल्प बनाने की मांग पर अड़े हैं।

सरकार ने कर्मचारियों से सुझाव लेने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक पोर्टल खोला है। इसी पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी OPS बहाली के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं।

OPS बहाली की मुख्य बातें

ट्रेड यूनियनों की मांगें: OPS के साथ-साथ कर्मचारी संघ सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने और फिटमेंट फैक्टर संशोधित करने की 12 सूत्रीय मांगें भी रख रहे हैं। उनका तर्क है कि NPS और UPS सुरक्षा और पेंशन की गारंटी नहीं देते।

OPS का वर्तमान प्रभाव: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, OPS के तहत अभी भी करीब 69 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि NPS में केवल 49,802 पेंशनर्स हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि OPS अभी भी कर्मचारियों के लिए मुख्य पेंशन विकल्प बना हुआ है।

सरकारी चुनौती: विशेषज्ञों का कहना है कि OPS की बहाली सरकार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय बोझ बढ़ा सकती है, क्योंकि इसे लागू करना मौजूदा वित्तीय संसाधनों पर दबाव डालेगा।

आगे की राह

ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर कर्मचारियों का दबाव और संघों की मांगें इस मसले को और तेज बना रही हैं। स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को लेकर OPS बहाली की यह मांग, भारतीय कर्मचारियों के लिए भविष्य की पेंशन नीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। फिलहाल, 8वां वेतन आयोग और पेंशन नीति पर अंतिम फैसला आना बाकी है, लेकिन कर्मचारी संगठन OPS के लिए दबाव बनाए हुए हैं। 

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