क्या होगा इस हाईवे में खास?
इस नए हाईवे को पूरी तरह आधुनिक और एक्सप्रेस-वे जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
8-लेन स्ट्रक्चर: मुख्य मार्ग के दोनों ओर चौड़ी लेन और साथ में सर्विस रोड, जिससे लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग रास्ता मिलेगा।
रफ्तार में बढ़ोतरी: अभी जहां सफर में लगभग 2 घंटे 50 मिनट लगते हैं, वहीं इस हाईवे के बनने के बाद यह समय घटकर करीब 1 घंटा 25 मिनट रह जाएगा।
हाईटेक ब्रिज: घाघरा नदी पर 1130 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज बनाया जाएगा, जो इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण और इंजीनियरिंग चैलेंज होगा।
कब शुरू होगा काम?
परियोजना पर काम अक्टूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लखनऊ की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया बूस्ट
यह हाईवे लखनऊ को अवध क्षेत्र के अन्य जिलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। पिछले कुछ सालों में लखनऊ से जुड़े कई बड़े हाईवे और एक्सप्रेस-वे तैयार हुए हैं या अंतिम चरण में हैं, जिससे राजधानी की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है।
उद्योग, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा फायदा
इस हाईवे के बनने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, साथ ही, यह मार्ग भारत-नेपाल के बीच सड़क संपर्क को भी मजबूत करेगा, जिससे व्यापार और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।
इस हाइवे परियोजना के जमीन पर काम भी शुरू
परियोजना के तहत कई गांवों और कस्बों में भूमि चिन्हांकन और सर्वे का काम शुरू हो चुका है। संबंधित एजेंसियां हाईवे के दोनों ओर जमीन का आकलन कर रही हैं ताकि निर्माण कार्य तय समय पर शुरू किया जा सके।

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