1. आयोग के गठन को मिली मंजूरी
सरकार ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी है। इस आयोग का उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करना है। इसके लिए एक अनुभवी नेतृत्व भी तय किया गया है, जो कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें तैयार करेगा।
2. सुझाव भेजने के लिए ऑनलाइन पोर्टल
आयोग ने कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों से सुझाव और मेमोरेंडम आमंत्रित किए हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जहां कर्मचारी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं। बताया गया है कि सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 रखी गई है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी अपनी राय दे सकें।
3. न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। वर्तमान में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 54,000 रुपये करने की मांग की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक यह राशि कुछ कम भी हो सकती है और अनुमानित न्यूनतम वेतन 41,000 से 51,000 रुपये के बीच तय किया जा सकता है।
4. फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा
वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर एक अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों के नए वेतन की गणना होती है। फिलहाल चर्चा है कि इसे करीब 2.86 से 3.0 के बीच रखा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।
5. फैमिली यूनिट फॉर्मूला में बदलाव की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वेतन तय करने में इस्तेमाल होने वाले फैमिली यूनिट फॉर्मूला को भी अपडेट किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए परिवार की जरूरतों के आकलन का तरीका बदला जाना जरूरी है।
6. नए वेतन आयोग के लागू होने की संभावित तारीख
माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं। जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो उस समय तक जमा हुआ महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन में जोड़ दिया जाता है और DA की गणना फिर से शून्य से शुरू होती है।

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