जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। इनमें चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए जमीन खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। जहां भी किसी तरह की समस्या आ रही हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
मजबूत सड़क व्यवस्था से बढ़ेगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत सड़क व्यवस्था बेहद जरूरी है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और दूर-दराज के जिलों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में
बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सड़क का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और बाकी काम तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शेष कार्य जल्द पूरा कर इसे संचालन के लिए तैयार किया जाए। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में इस मार्ग का दायरा और बड़ा हो सकता है।
कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, व्यापार और परिवहन आसान होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं को तय समय में पूरा कर प्रदेश की सड़क व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

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