कितने कर्मचारी और पेंशनर किस योजना में
सरकार के अनुसार वर्तमान में केंद्र सरकार में लगभग 50.14 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत लगभग 49,802 पेंशनर शामिल हैं (31 जनवरी 2026 तक)। वहीं दूसरी ओर पुरानी पेंशन योजना के तहत करीब 69 लाख पेंशनर पेंशन प्राप्त कर रहे हैं (8 दिसंबर 2025 तक)।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक अंशदान आधारित पेंशन व्यवस्था है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2004 के बाद केंद्र सरकार की सेवा में आने वाले कर्मचारियों के लिए लागू की गई थी। हालांकि इसमें सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया था।
पेंशन भुगतान में देरी की स्थिति
सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत पेंशन भुगतान में देरी की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है। इस व्यवस्था में पेंशन का भुगतान वार्षिकी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के माध्यम से किया जाता है। सरकार के अनुसार अब तक किसी भी पेंशनर ने मासिक पेंशन मिलने में देरी की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
पुरानी पेंशन योजना
देश के कई राज्यों में पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग उठ रही है। इस विषय पर सरकार ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को लागू करना या न करना पूरी तरह राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि Comptroller and Auditor General of India (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि राज्य दोबारा पुरानी पेंशन योजना लागू करते हैं तो इससे उनकी वित्तीय स्थिति पर भारी दबाव पड़ सकता है।
पेंशन व्यवस्था में सुधार
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि कर्मचारियों को बेहतर लाभ देने के लिए पेंशन व्यवस्था में कई सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में एकीकृत पेंशन योजना को विकल्प के रूप में पेश किया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अधिक स्थिर पेंशन मिल सके।
पेंशन प्रक्रिया डिजिटल
सरकार पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिजिटल सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है। इसके तहत भविष्य पेंशन प्रक्रिया प्रणाली के माध्यम से सरल पेंशन आवेदन व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अलावा पेंशनरों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा भी दी गई है, जिससे वे घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।

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