CPSE कर्मचारियों के लिए अलग वेतन आयोग का प्रस्ताव नहीं
सरकार की ओर से लोकसभा में बताया गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग से वेतन पुनरीक्षण समिति (PRC) बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसका सीधा मतलब है कि जैसे केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग बनाया गया है, वैसे CPSE कर्मचारियों के लिए अभी कोई अलग व्यवस्था नहीं की जा रही है। देश में करीब 8 लाख से अधिक कर्मचारी इन कंपनियों में काम करते हैं, लेकिन उनकी सैलरी तय करने का तरीका अलग है।
कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर होगी सैलरी
सरकार ने यह भी साफ किया कि सरकारी कंपनियों में वेतन और भत्तों का ढांचा एक जैसा नहीं हो सकता। वित्त मंत्रालय के अनुसार हर कंपनी की आर्थिक स्थिति, मुनाफा और कामकाज अलग-अलग होता है। इसी कारण CPSE कर्मचारियों का वेतन मुख्य रूप से कंपनी के प्रदर्शन और लाभ पर निर्भर करता है। सरकार केवल कुछ दिशा-निर्देश जारी करती है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी प्रबंधन ही करता है।
8वें वेतन आयोग ने तेज किया काम
दूसरी ओर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित 8वां वेतन आयोग तेजी से अपना काम आगे बढ़ा रहा है। इसका गठन नवंबर 2025 में किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। दिल्ली में आयोग का कार्यालय शुरू हो चुका है और विभिन्न विभागों, संगठनों तथा कर्मचारियों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं।
2026 से मिल सकता है फायदा
यदि आयोग समय पर अपनी सिफारिशें पेश कर देता है और सरकार उन्हें मंजूरी दे देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी और एरियर का लाभ मिल सकता है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment