8th Pay Commission: क्या बदलने वाला है डीए तय करने का फॉर्मूला? जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) एक अहम हिस्सा होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। अब आने वाले 8th Pay Commission को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। कर्मचारी संगठन All India Defence Employees Federation (AIDEF) ने डीए तय करने के मौजूदा तरीके में बदलाव की मांग उठाई है।

डीए तय करने का मौजूदा तरीका

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता All India Consumer Price Index for Industrial Workers के आधार पर तय किया जाता है। यह इंडेक्स श्रम ब्यूरो द्वारा तैयार किया जाता है और इसमें रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसे खाद्य पदार्थ, कपड़े और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को शामिल किया जाता है। इन वस्तुओं की कीमतों के आधार पर एक टोकरी (बास्केट) बनाई जाती है और उसके 12 महीनों के औसत के आधार पर कर्मचारियों का डीए निर्धारित किया जाता है।

AIDEF को मौजूदा सिस्टम से क्या दिक्कत है

AIDEF का कहना है कि मौजूदा इंडेक्स कर्मचारियों पर पड़ने वाली असली महंगाई को पूरी तरह नहीं दिखाता। संगठन के अनुसार CPI की टोकरी में शामिल कई वस्तुओं की कीमतें सब्सिडी या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की दरों पर मानी जाती हैं। लेकिन हकीकत में अधिकांश कर्मचारी और पेंशनभोगी ये सामान खुले बाजार से ज्यादा कीमत पर खरीदते हैं। ऐसे में इंडेक्स में दिखाई देने वाली महंगाई और वास्तविक खर्च के बीच बड़ा अंतर रह जाता है।

डीए की गणना को लेकर नया सुझाव

AIDEF ने सुझाव दिया है कि भविष्य में डीए की गणना वास्तविक खुदरा बाजार की कीमतों या सरकारी सहकारी उपभोक्ता स्टोर्स में मिलने वाले सामान के दामों के आधार पर की जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के वास्तविक प्रभाव के अनुसार वेतन में राहत मिल सकेगी।

वेतन असमानता कम करने की मांग

AIDEF का मानना है कि सबसे ज्यादा और सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बीच का अंतर बहुत ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया है कि यह अनुपात 1:10 के भीतर रखा जाए, ताकि वेतन संरचना अधिक संतुलित हो सके।

पेंशन और वेतन से जुड़ी मांगें

AIDEF ने सशस्त्र बलों के लिए Old Pension Scheme को जारी रखने की भी मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। संगठन का यह भी कहना है कि सरकारी कर्मचारियों के करियर में प्रमोशन की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अपने सेवा काल में तय समय पर पदोन्नति मिल सके।

क्या हो सकता है आगे?

फिलहाल ये सभी सुझाव कर्मचारी संगठन की तरफ से दिए गए प्रस्ताव हैं। अंतिम निर्णय 8th Pay Commission की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। अगर डीए तय करने के तरीके में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय पर पड़ सकता है।

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