यूपी लेखपाल की कमाई कितनी? 8वें वेतन आयोग से वेतन बढ़ने की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच लेखपाल का पद काफी लोकप्रिय माना जाता है। हर बार जब इस पद पर भर्ती निकलती है, तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। इसका कारण यह है कि लेखपाल की नौकरी न सिर्फ स्थायी होती है, बल्कि इसमें सम्मान और स्थिर आय भी मिलती है।

इतनी होती है लेखपाल की सैलरी

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार लेखपाल का पद लेवल-1 पे बैंड में आता है। इस हिसाब से उनकी शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 21,700 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि सरकारी कर्मचारियों को केवल मूल वेतन ही नहीं मिलता, बल्कि इसके साथ कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं। लेखपाल को महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए) और यात्रा भत्ता (टीए) जैसे कई लाभ मिलते हैं। इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद कुल वेतन में काफी बढ़ोतरी हो जाती है।

हाथ में कितनी मिलती है सैलरी

यदि कुल वेतन की बात करें तो एक लेखपाल को हर महीने लगभग 30 हजार से 35 हजार रुपये तक इन-हैंड सैलरी मिलती है। हालांकि यह राशि पोस्टिंग के स्थान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। जैसे-जैसे कर्मचारी का अनुभव बढ़ता है और समय-समय पर वेतन वृद्धि होती है, वैसे-वैसे आय में भी बढ़ोतरी होती रहती है।

क्या होता है लेखपाल का काम

लेखपाल राजस्व विभाग का अहम कर्मचारी होता है। उसे गांव स्तर पर जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। इसमें खेतों और जमीन का रिकॉर्ड रखना, भू-अभिलेखों का रखरखाव करना, सरकारी योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट तैयार करना और प्रशासन को राजस्व से जुड़े मामलों में सहायता देना शामिल है। ग्रामीण प्रशासन की व्यवस्था में लेखपाल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है सैलरी

आने वाले समय में यदि आठवां वेतन आयोग यूपी में भी लागू होता है तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर करीब 2.5 या उससे अधिक रखा जाता है, तो लेखपाल की मौजूदा बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से बढ़कर लगभग 54 हजार से 57 हजार रुपये तक हो सकती है।

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