8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू! कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े एक अहम मुद्दे पर कदम बढ़ाते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और विभिन्न भत्तों की समीक्षा करना है। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशों के बाद वेतन ढांचे में बदलाव हो सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा मिल सकता है।

सुझाव देने के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल

वित्त मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। इच्छुक लोग इस पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशों को तैयार करेगा।

आयोग को मिला 18 महीने का समय

सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आयोग के कामकाज के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए थे। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उस पर विचार करेगी और मंजूरी मिलने के बाद ही वेतन और पेंशन में बदलाव लागू किए जाएंगे।

पिछले आयोग में क्या बदलाव हुए थे

7th Central Pay Commission को वर्ष 2016 में लागू किया गया था। इसके तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह तय की गई थी, जबकि अधिकतम वेतन सीमा 2.5 लाख रुपये प्रति माह रखी गई थी।

क्या बढ़ सकती है न्यूनतम सैलरी

कुछ रिपोर्टों में यह संभावना जताई जा रही है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद न्यूनतम वेतन 40 हजार से 46 हजार रुपये के आसपास हो सकता है। हालांकि यह सिर्फ अनुमान है। वास्तविक फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

लागू होने में लग सकता है समय

फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। पहले आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, उसके बाद सरकार उस पर विचार करेगी। सभी औपचारिकताओं के बाद ही वेतन और पेंशन में किसी तरह का बदलाव लागू किया जाएगा। इसलिए कर्मचारियों को इसके लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

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