उड़ान के दौरान हुआ ईंधन भरने का परीक्षण
रिपोर्ट के अनुसार परीक्षण के दौरान B-21 Raider को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराया गया। इसके लिए अमेरिकी वायुसेना के KC-135R Stratotanker विमान का इस्तेमाल किया गया। यह प्रक्रिया कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान के ऊपर परीक्षण उड़ान के दौरान की गई। हवा में ईंधन भरने की इस क्षमता का मतलब है कि यह बॉम्बर अमेरिका से उड़ान भरकर दुनिया के किसी भी हिस्से में बिना रुके हमला कर सकता है और वापस लौट सकता है।
परीक्षण उड़ान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षण के दौरान सुरक्षा और निगरानी के लिए एक F-16 Fighting Falcon लड़ाकू विमान भी साथ उड़ता देखा गया। परीक्षण उड़ानों में यह सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है ताकि मुख्य विमान की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
आकार को लेकर नई जानकारी
परीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरों से विमान के आकार को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। पहले माना जा रहा था कि इस विमान के पंखों का फैलाव लगभग 125 फीट के आसपास होगा, लेकिन विशेषज्ञों के नए अनुमान के अनुसार इसका फैलाव लगभग 145 से 155 फीट तक हो सकता है। तुलना करें तो पुराने B-2 Spirit बॉम्बर का विंगस्पैन करीब 172 फीट है।
क्यों खास है बी-21 रेडर
अमेरिका का दावा है कि B-21 Raider दुनिया के सबसे आधुनिक स्टील्थ बॉम्बरों में से एक है। इसमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते। यही कारण है कि इसे भविष्य की युद्ध रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह विमान दुश्मन के मजबूत हवाई रक्षा तंत्र को भी चकमा देकर अंदर तक प्रवेश कर सकता है।
चीन को क्यों है डर?
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार चीन ने अपनी सीमाओं के आसपास उन्नत रडार और मिसाइल रक्षा प्रणाली का बड़ा नेटवर्क तैयार किया हुआ है। लेकिन माना जाता है कि B-21 Raider को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह आधुनिक रडार से भी बचकर अंदर तक पहुंच सकता है। इसी वजह से इसे भविष्य के युद्धों के लिए अमेरिका का सबसे अहम रणनीतिक हथियार माना जा रहा है।

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