बिहार में सहायक प्राध्यापकों के लिए खुशखबरी, नियुक्ति को लेकर आदेश जारी

पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बनने की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020–21 में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों को अब मौका मिलेगा। इस संबंध में राज्यपाल एवं कुलाधिपति कार्यालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

यह नियुक्ति उन अभ्यर्थियों के लिए है जिन्हें Bihar Public Service Commission (बीपीएससी) द्वारा सहायक प्राध्यापक पद के लिए विधिवत अनुशंसित किया गया था, लेकिन महामारी के कारण वे समय पर विश्वविद्यालयों में योगदान नहीं दे पाए थे।

सभी विश्वविद्यालयों को भेजा गया निर्देश

राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति दी जाए। यह निर्देश राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल. चोंग्थू की ओर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलसचिवों को भेजा गया है, ताकि प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके। यह निर्णय Bihar State Universities Act 1976 की संबंधित धाराओं और न्यायालय के निर्देशों के आधार पर लिया गया है।

योगदान की तिथि से ही मान्य होगी सेवा

आदेश के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी मानी जाएगी जब वे विश्वविद्यालय में जाकर पदभार ग्रहण करेंगे। यानी उनकी सेवा की वैधता उसी तिथि से शुरू होगी।

बीच की अवधि के वेतन का दावा नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अधिसूचना जारी होने की तिथि और वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि के बीच की अवधि के लिए वेतन या अन्य आर्थिक लाभ का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अवधि को केवल औपचारिक रूप से माना जाएगा और इसके लिए किसी प्रकार का भुगतान नहीं होगा।

अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा अवसर

इस फैसले से उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी महामारी के कारण उनका करियर रुक गया था। अब वे विश्वविद्यालयों में जाकर अपना कार्यभार संभाल सकेंगे और शिक्षण कार्य शुरू कर पाएंगे। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में भी मदद मिलेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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