उत्तरी फिलीपींस में रणनीतिक तैनाती
रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने अपनी एक विशेष यूनिट को सक्रिय किया है, जिसे ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम से लैस किया जा रहा है। यह यूनिट देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में स्थित कैंप केप बोजेडोर में तैनात की जा रही है। यह स्थान लुजोन द्वीप के उत्तरी किनारे पर स्थित है और यहां से ताइवान तथा दक्षिण चीन सागर की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है।
इस तैनाती के साथ ही फिलीपींस की कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट की समुद्री स्ट्राइक क्षमता काफी बढ़ गई है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से ब्रह्मोस मिसाइलें लुजोन जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी दुश्मन जहाज को निशाना बनाने में सक्षम होंगी।
दक्षिण चीन सागर में बढ़ेगी निगरानी
दक्षिण चीन सागर लंबे समय से क्षेत्रीय विवाद का केंद्र बना हुआ है। चीन इस इलाके के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि कई अन्य देश भी इस क्षेत्र में अपने अधिकार जताते हैं। ऐसे में फिलीपींस द्वारा ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती को चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल अपनी तेज गति और सटीक निशाने के लिए जानी जाती है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल समुद्र में चल रहे बड़े युद्धपोतों को भी तेजी से निशाना बना सकती है। इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे घातक एंटी-शिप मिसाइलों में गिना जाता है।
आगे की रणनीति पर भी काम
रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस आने वाले समय में ब्रह्मोस सिस्टम को केवल एक ही जगह तक सीमित नहीं रखना चाहता। जरूरत पड़ने पर इन मिसाइलों को अन्य द्वीपों पर भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इससे फिलीपींस को समुद्री सीमा की रक्षा में अधिक लचीलापन मिलेगा।
इसके अलावा फिलीपींस भारत के अन्य रक्षा उपकरणों में भी रुचि दिखा रहा है। माना जा रहा है कि वह भविष्य में भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भी खरीदने पर विचार कर सकता है, जिससे ब्रह्मोस बैटरी की सुरक्षा और मजबूत हो सके।

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