केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद से अब तक 140 से अधिक कदम उठाए जा चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराना है।
1. 7 दिन में मिलेगा फसल ऋण
सरकार ने फसल ऋण की प्रक्रिया को सरल बनाया है। यदि किसान जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन करते हैं तो आमतौर पर उन्हें 7 दिन के भीतर फसल ऋण मिल सकता है। इससे किसानों को खेती के समय तुरंत आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
2. ई-केसीसी से सिर्फ 2 दिन में ऋण
किसानों को और ज्यादा सुविधा देने के लिए ई-केसीसी प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में ऋण स्वीकृति का समय घटकर करीब दो दिन रह गया है, जिससे किसानों को जल्दी मदद मिलती है।
3. समय पर भुगतान करने पर 3% ब्याज छूट
सरकार किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए समय पर ऋण चुकाने पर 3 प्रतिशत तक ब्याज में छूट भी देती है। यह राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाती है। किसानों को इस योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
4. छोटे किसानों को मिल रहा ज्यादा लाभ
सहकारी समितियों के माध्यम से दिए जा रहे फसल ऋण का बड़ा हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों को मिल रहा है। कई जिलों के आंकड़े बताते हैं कि कुल ऋण का लगभग 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इन्हीं किसानों तक पहुंच रहा है। इससे छोटे किसानों को खेती के लिए जरूरी आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
5. ऋण वसूली में पारदर्शिता
फसल ऋण योजनाओं में वसूली की स्थिति भी बेहतर बताई जा रही है। कई जगहों पर ऋण वापसी का प्रतिशत 99 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि किसान समय पर ऋण चुकाने के प्रति जागरूक हो रहे हैं और योजना का लाभ सही तरीके से ले रहे हैं।
6. किसानों के घर तक पहुंच रही बैंकिंग सुविधा
दूरदराज के गांवों में रहने वाले किसानों को बैंक जाने की परेशानी न हो, इसके लिए फील्ड अधिकारी गांव-गांव जाकर सेवाएं दे रहे हैं। हाथ में छोटे उपकरण लेकर अधिकारी किसानों के घर पर ही खाता खोलने, ऋण देने और अन्य बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में मोबाइल बैंकिंग शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

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