8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों ने कर दी 5 बड़ी मांगें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए प्रस्तावित 8वां वेतन आयोग इस समय चर्चा के केंद्र में है। वेतन वृद्धि और भत्तों को लेकर जहां उम्मीदें बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों के संगठन ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है।

Indian Railway Technical Supervisors Association (IRTSA) ने आयोग को भेजे गए अपने पत्र में कहा है कि मौजूदा प्रक्रिया कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को सही तरीके से नहीं दर्शा रही। संगठन ने आयोग की प्रश्नावली को अधूरा बताते हुए कई अहम सुधारों की मांग उठाई है।

सुझावों की समयसीमा बढ़ी, लेकिन असंतोष बरकरार

आयोग की ओर से सुझाव देने की अंतिम तिथि को 16 मार्च से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी संगठनों में असंतोष कम नहीं हुआ है। IRTSA का कहना है कि केवल सीमित सवालों के आधार पर इतने बड़े बदलाव का आकलन करना पर्याप्त नहीं है। संगठन ने आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर विस्तृत समीक्षा की मांग की है।

1. ग्रुप सिस्टम में बदलाव की मांग

रेलवे कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग वर्तमान वर्गीकरण प्रणाली को बदलने की है। उनका कहना है कि आज भी कर्मचारियों को ग्रुप A, B और C में बांटा जाता है, जबकि काम की प्रकृति और जिम्मेदारियां काफी बदल चुकी हैं। एक आधुनिक और पारदर्शी सिस्टम की जरूरत बताई गई है, जिससे प्रमोशन और वेतन तय करने में निष्पक्षता आए।

2. भत्तों में कटौती का विरोध

संगठन ने भत्तों को सीमित करने के प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले के वेतन आयोग में जहां सैकड़ों भत्तों पर विचार हुआ था, वहीं अब इन्हें सीमित श्रेणियों में बांटना कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। हर भत्ता किसी विशेष कार्य या परिस्थिति से जुड़ा होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

3. पेंशनर्स के मुद्दों को शामिल करने की मांग

IRTSA ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि आयोग की प्रश्नावली में पेंशन और फैमिली पेंशन से जुड़े मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। संगठन का कहना है कि लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

4. तकनीकी कर्मचारियों के लिए अलग प्रावधान

रेलवे के जूनियर इंजीनियर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर और आईटी स्टाफ जैसे तकनीकी पदों के लिए अलग व्यवस्था की मांग की गई है। संगठन का मानना है कि इन पदों की जिम्मेदारियां अधिक जटिल होती हैं, इसलिए इनके करियर ग्रोथ के लिए विशेष प्रावधान जरूरी हैं।

5. प्रमोशन सिस्टम में सुधार की जरूरत

संगठन ने मौजूदा MACP (Modified Assured Career Progression) योजना को पर्याप्त नहीं बताया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को केवल समय-आधारित प्रमोशन के बजाय “फंक्शनल प्रमोशन” का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उनकी योग्यता और कार्य के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

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