असम-बंगाल का सियासी गणित बदला, सर्वे रिपोर्ट ने दिए चौंकाने वाले संकेत

कोलकाता। देश में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज हो चुकी है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा, वहीं असम समेत अन्य राज्यों में एक चरण में वोटिंग कराई जाएगी। नतीजे भले ही 4 मई को आएंगे, लेकिन उससे पहले हाल ही में आए MATRIZE-IANS के जनमत सर्वेक्षण ने कई चौंकाने वाले संकेत दिए हैं।

पश्चिम बंगाल: सत्ता बरकरार रखने की राह पर टीएमसी

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है। सर्वे के अनुसार तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी को 155 से 170 सीटें मिल सकती हैं, जो उसे लगातार चौथी बार सत्ता में ला सकती हैं।

वहीं भारतीय जनता पार्टी को 100 से 115 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वह मुख्य विपक्ष की भूमिका में बनी रह सकती है। इसके अलावा AIMIM को सीमित सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य दलों का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है। हालांकि वोट प्रतिशत में बीजेपी TMC को सीधी टक्कर देती हुई दिखाई दे रही हैं।

असम: भाजपा की पकड़ मजबूत

असम में भी राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट नजर आ रही है। सर्वे के मुताबिक भाजपा यहां अपनी मजबूत पकड़ बनाए रख सकती है और बहुमत के साथ दोबारा सरकार बना सकती है। अनुमान है कि भाजपा को 96 से 98 सीटें मिल सकती हैं।

वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 26 से 28 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। AIUDF को भी सीमित सीटें मिलने की संभावना है, जिससे साफ है कि विपक्ष के लिए सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा।

क्या कहते हैं सर्वे के संकेत

इस जनमत सर्वे से यह साफ होता है कि दोनों राज्यों में सत्तारूढ़ दल अभी भी मजबूत स्थिति में हैं। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की पकड़ बनी हुई है, जबकि असम में भाजपा का वर्चस्व कायम दिख रहा है। हालांकि, चुनावी राजनीति में आखिरी समय तक समीकरण बदलते रहते हैं। मतदाताओं का अंतिम फैसला ही तय करेगा कि सत्ता की कुर्सी किसके हाथ में जाएगी।

0 comments:

Post a Comment