हालांकि सरकार ने साफ किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई को सामान्य करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने माना कि शुरुआती दिनों में पैनिक बुकिंग बढ़ी थी, लेकिन अब इसमें तेजी से कमी आई है।
पैनिक बुकिंग में आई गिरावट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को LPG बुकिंग का आंकड़ा करीब 87 लाख से ऊपर पहुंच गया था, जो कुछ ही दिनों में घटकर लगभग 56-57 लाख रह गया। यानी पैनिक बुकिंग में करीब 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव कम हुआ है और वितरण व्यवस्था को सामान्य करने में मदद मिली है।
सप्लाई को लेकर क्या है स्थिति?
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है और उनके लिए आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। वहीं पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और CNG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है। हालांकि कमर्शियल सिलेंडरों को लेकर अभी भी दबाव बना हुआ है और जरूरत का सीमित हिस्सा ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसके बावजूद एजेंसियों के पास पूरी तरह स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है।
उत्पादन और आयात में बढ़ोतरी
पिछले दो हफ्तों में घरेलू गैस उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। साथ ही मध्य-पूर्व से टैंकरों के जरिए गैस की आपूर्ति भी भारत पहुंच रही है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार के 10 बड़े कदम
स्थिति को संभालने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने कई अहम फैसले लिए हैं:
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति
उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त शिफ्ट में काम
ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा, जो अब 90% से अधिक हो चुकी है
OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को मजबूत किया गया
PNG कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन
कमर्शियल गैस की आपूर्ति पर अस्थायी नियंत्रण
कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्ती
राज्यों में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान
वैकल्पिक ईंधनों जैसे केरोसिन को बढ़ावा
केंद्र द्वारा राज्यों को सख्त कार्रवाई के निर्देश
कालाबाजारी पर सख्ती
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों में हजारों छापेमारी की गई हैं। केवल उत्तर प्रदेश में ही सैकड़ों जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए और कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।
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