वर्त्तमान में ईरान के “शाहेद” ड्रोन भले ही चर्चा में रहते हों, लेकिन कई ऐसे देश हैं जिनके पास इससे भी अधिक उन्नत और घातक ड्रोन तकनीक मौजूद है। आइए जानते हैं दुनिया के उन 5 देशों के बारे में, जो ड्रोन शक्ति में सबसे आगे माने जाते हैं।
1 .अमेरिका:
संयुक्त राज्य अमेरिका ड्रोन तकनीक में दुनिया का अग्रणी देश है। MQ-9 Reaper जैसे ड्रोन लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम हैं। इनका उपयोग कई सैन्य अभियानों में किया जा चुका है। अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा ड्रोन बेड़ा है, जो निगरानी से लेकर टारगेटेड स्ट्राइक तक हर मिशन को अंजाम दे सकता है।
2 .तुर्की:
तुर्की ने हाल के वर्षों में ड्रोन टेक्नोलॉजी में बड़ा नाम बनाया है। Bayraktar TB2 को आधुनिक युद्ध का “गेम चेंजर” कहा जाता है। इस ड्रोन ने यूक्रेन युद्ध और नागोर्नो-कराबाख संघर्ष में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। कम लागत में बेहतरीन प्रदर्शन इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
3 .चीन:
चीन तेजी से ड्रोन महाशक्ति के रूप में उभरा है। Wing Loong और CH-4 जैसे ड्रोन कम लागत में लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखते हैं। चीन अपने ड्रोन कई देशों को निर्यात करता है, जिससे उसकी वैश्विक पकड़ और मजबूत हो रही है।
4 .इज़राइल:
इज़राइल ड्रोन तकनीक के शुरुआती और सबसे उन्नत डेवलपर्स में शामिल है। Hermes 900 और Heron जैसे ड्रोन निगरानी और हमले दोनों में सक्षम हैं। इज़राइल की खासियत है AI आधारित टार्गेटिंग और बेहद सटीक स्ट्राइक क्षमता, जिसे दुनिया के कई देश अपनाते हैं।
5 .रूस:
रूस ने हाल के वर्षों में अपने ड्रोन प्रोग्राम को तेजी से विकसित किया है। S-70 Okhotnik जैसे स्टेल्थ ड्रोन भारी हथियार ले जाने में सक्षम हैं। यूक्रेन युद्ध में रूस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
भारत की क्या है स्थिति?
भारत के पास MQ-9B Predator (Reaper) ड्रोन है. हालांकि, यह अमेरिका से खरीदा गया। वहीं भारत इजरायली ड्रोन का भी इस्तेमाल करता हैं। साथ ही भारत ने कई स्वदेसी ड्रोन भी बनाये हैं जो युद्ध के मैदान में घातक साबित हो सकते हैं।

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