यूपी में महिलाओं की बल्ले-बल्ले! अब घर पाने में मिलेगी सबसे बड़ी प्राथमिकता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब महिलाओं, खासकर निराश्रित विधवाओं को घर देने में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों की पहचान का काम अभी से शुरू कर दिया गया है।

चयन प्रक्रिया हुई शुरू

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों में अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि पात्र लाभार्थियों की पहचान समय पर पूरी कर ली जाए, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।

किन्हें मिलेगी प्राथमिकता

इस बार सरकार ने खास तौर पर निराश्रित विधवा महिलाओं को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। इसके अलावा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को भी योजना में शामिल किया गया है, जैसे मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार और विभिन्न जनजातियां। इसके साथ ही दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवार और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को भी लाभ मिलेगा।

पहले से लाखों को मिला फायदा

राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018-19 में की थी। तब से अब तक करीब 4.72 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। इससे साफ है कि यह योजना ग्रामीण गरीबों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

इस योजना के लिए बजट और तैयारी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस योजना में लगभग 1400 करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया है। यह राशि नए लाभार्थियों को घर उपलब्ध कराने में इस्तेमाल की जाएगी।

डेटा के आधार पर किया जायेगा चयन

ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग की पेंशन सूची का भी उपयोग किया जाएगा। करीब 15 लाख से अधिक विधवा पेंशन लाभार्थियों के डेटा के आधार पर पात्र महिलाओं का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें आवास सूची में शामिल किया जाएगा।

इस योजना के लिए सरकार के द्वारा समयसीमा

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 15 अप्रैल तक लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली जाए। इससे योजना को समय पर लागू करने में मदद मिलेगी और पात्र लोगों को जल्द से जल्द घर मिल सकेगा।

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